10 Lines On Aryabhatta In Hindi And English Language

 

नमस्ते दोस्तों आज हम आर्यभट पर 10 पंक्तियाँ हिंदी और इंग्लिश में (10 Lines On Aryabhatta In Hindi And English Language) लिखेंगे दोस्तों यह 10 पॉइंट (Kids) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12  और College के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है।

हमारी Website पर आप बड़े (Essay) निबंध भी पढ़ सकते है। इस (Aryabhatta par 10 Lines Mein Hindi nibandh) का वीडियो जल्द ही उपलब्ध हो जायेगा वेबसाइट के सभी लेखो के विडियो देखने के लिए हमारे YouTube Channel पर जाये। आपसे निवेदन है कि हमारे Channel को Subscribe करें।

दोस्तों आज जो हम गणित पढ़ते है उसमे आर्यभट्ट के सिद्धांत ही कार्य करते है बल्कि पूरी दुनिया भी इसी सिद्धांत कार्य करते हुए प्रगति की और बढ़ रही है क्यूंकि अगर इनके सिधान्त नहीं होते तो हम किसी बात का अनुमान सही तरीके से नहीं लगा पाते

आपने केवल यही सुना होगा की शून्य अर्थात जीरो की खोज आर्यभट्ट  ने की मगर इनकी खोजे इतनी है, जिन्हें हम गिन नहीं सकते है पूरी जानकारी तो आपको नहीं बता पाऊंगा मगर कुछ जानकारी आपको आर्यभट्ट पर 10 लाइन हिंदी और इंग्लिश में पढ़ कर जान जायेंगे

10 Lines On Aryabhatta In Hindi


  1. आर्यभट्ट का जन्म 476 ईसवी में कुसुमपूरा के पाटलिपुत्र में हुआ था, जो हाल में पटना के नाम से जाना जाता है। जानकार कहते है वे नर्मदा और गोदावरी के मध्य स्थित क्षेत्र में पैदा हुए थे
  2. आर्यभट हमारे प्राचीन भारत के जाने माने एक महान ज्योतिषविद् और गणितज्ञ थे। जिन्होंने शून्य और पाई की खोज की थी इसलिए शून्य भारत की देन है ।
  3. आर्यभटीय में कुल 121 श्लोक दिए है
  4. आर्यभट  महान गणितज्ञ ही नहीं है वे महान खगोलविद भी थे जिन्होंने पूरी दुनिया को बताया की पृथ्वी अपना एक चक्कर 365 दिन, 6 घंटे, 12 मिनट और 30 सेकेंड में सूर्य के चक्कर लगाकर पूरा करती है
  5. आर्यभट ने आर्यभटीय नामक ज्योतिष ग्रन्थ लिखा, इसमें उन्होंने वर्गमूल, घनमूल, समान्तर श्रेणी तथा कई  समीकरणों का वर्णन है।
  6. आर्यभटीय के गणितीय भाग में अंकगणित, बीजगणित, सरल त्रिकोणमिति और गोलीय त्रिकोणमिति शामिल हैं। इसमे सतत भिन्न, द्विघात समीकरण , घात श्रृंखला के योग और ज्याओं की एक तालिका शामिल हैं।
  7. प्राचीन श्लोक में बताया गया है की आर्यभट नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके है और उन्होंने बताया की पृथ्वी अपनी धुरी पर बिना हिले घूमती है
  8. कोपर्निकस ने जो खोज की थी उसकी खोज तो आर्यभट हजार वर्ष पहले ही कर चुके थे।
  9. सबसे पहले आर्यभट ने ही ये बताया था की चाँद और सितारे स्वयं नहीं बल्कि सूर्य के प्रकाश से चमकते है और सूर्य,  चंद्रमा और पृथ्वी की छाया के गिरने से ग्रहण होते है
  10. भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट 550 ईसवी में मोक्ष को प्राप्त हो गये।

Aryabhatta Essay 5 Lines In Hindi


  1. वर्तमान में आधुनिक उपकरणों से सवालों को हल किया जाता है मगर आर्यभट ने बिना किसी संसाधनों की सहायता से सवालों का हल किया
  2. आर्यभट ने तीन चार ग्रन्थ लिखे थे जिनमे दशगीतिका, आर्यभटीय, तंत्र और आर्यभट सिद्धांत की भी रचना की थी इनमे आर्यभट सिद्धांत पूरा नहीं है, इसमें 34 श्लोक की जानकारी उपलब्ध है
  3. आर्यभटीय में 121 श्लोक है जो चार भागो में विभाजित है जिनमे गीतिकपाद में 13, गणितपाद में 33, कालक्रियापाद में 25 और  गोलपाद में 50 श्लोक है
  4. आर्यभट्ट के सभी सिद्धांत को जब जांचा और परखा गया तो वहा एक दम सटीक थे आज उनके सिद्धांत  को हम अपनी किताबो में पढ़ते है और उनके सिद्धांत की सहायता से गणित के सवाल हल कर पाते है
  5. आर्यभट्ट पौराणिक मतों व अंधविश्वास को नहीं मानते थे वे जब तक वैज्ञानिक रूप से इनका गहन अध्ययन नहीं कर लेते थे और सही निष्कर्ष पहुचनें के पश्चात ही वे इसे मानते थे|

10 Lines On Aryabhatta In  English Language


  1. Aryabhatta was born in 476 AD at Pataliputra in Kusumpura, which is now known as Patna. Experts say that he was born in the area situated between Narmada and Godavari.
  2. Aryabhata was a great astrologer and mathematician of our ancient India. Who discovered zero and pi, therefore zero is the gift of India.
  3. A total of 121 verses are given in Aryabhatiya.
  4. Aryabhata is not only a great mathematician. He was also a great astronomer. Who told the whole world that the Earth completes one revolution by circling the Sun in 365 days, 6 hours, 12 minutes and 30 seconds.
  5. Aryabhata wrote an astrology book called Aryabhatiya, in which he describes square root, cube root, parallel series and many other equations.
  6. The mathematical part of Aryabhatiya includes arithmetic, algebra, simple trigonometry and spherical trigonometry. It includes continuous fractions, quadratic equations, sum of power series and a table of sines.
  7. It is told in the ancient verse that Aryabhata had been the Vice Chancellor of Nalanda University and told that the earth rotates on its axis without moving.
  8. Aryabhata had discovered what Copernicus had discovered thousand years ago.
  9. Aryabhata was the first to tell that the moon and the stars do not shine by themselves but with the light of the sun and eclipses occur due to the fall of the shadow of the sun, moon and earth.
  10. India’s great mathematician Aryabhata died in 550 AD, he attained salvation.

5 Lines On Aryabhatta In  English Language


  1. Presently the questions are solved with modern equipment but Aryabhata solved the questions without the help of any resources.
  2. Aryabhata wrote three or four books. In which Dashgitika, Aryabhatiya, Tantra and Aryabhata Siddhanta were also composed. Aryabhata theory is not complete in this, information of 34 verses is available in it.
  3. Aryabhatiya has 121 verses which are divided into four parts. In which there are 13 verses in Geetikapad, 33 in Ganitapada, 25 in Kalakriyapad and 50 in Golapada.
  4. When all the theories of Aryabhatta were tried and tested, they were absolutely accurate. Today, we read his theory in our books and with the help of his theory, we are able to solve the problems of mathematics.
  5. Aryabhatta did not believe in mythological beliefs and superstitions. Until they did not study them deeply scientifically and they believed it only after reaching the right conclusion.

ये भी पढ़े 

तो ये थी 10 पंक्तियाँ आर्यभट के बारें में उम्मीद करता हूँ। आर्यभट पर 10 पंक्तियाँ हिंदी और इंग्लिश में (10 Lines On Aryabhatta In Hindi And English Language)  आपको जरुर पसंद आई होगी। अगर पसंद आये तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें।