गाय पर निबंध हिंदी में (Essay On Cow In Hindi) Gay Per Lekh

गाय पर निबंध हिंदी में (Essay On Cow In Hindi) Gay Per Lekh

नमस्ते दोस्तों आज हम गाय पर निबंध हिंदी में  (The Cow Essay In Hindi) लिखेंगे दोस्तों यह जल संरक्षण पर निबंध (Kids) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12  और College के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है।

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गाय पर निबंध हिंदी में (Essay On Cow Hindi)


प्रस्तावना:


गाय वैसे गाय पुरे विश्व में पायी जाती है मगर भारत में इसके उपयोग से ज्यादा इसका धार्मिक महत्व माना जाता है हिन्दू धर्म में गाय के प्रति गहरी आस्था है और इसे ”गौ-माता” कहा जाता है।

वैदिक युग में ये मान्यता थी जिस राज्य में जितने ज्यादा गायें होंगी वो राज्य उतना ही समृद्ध होता है इसका सीधा अर्थ गाय के आर्थिक और धार्मिक महत्व को बताता है गाय एक बहुत ही महत्वपूर्ण दुधारू और पालतू जानवर है

गाये से प्राप्त होने वाली प्रत्येक वास्तु बहुत ही महत्वपूर्ण है जिसकी खूबी आपको अन्य जानवर में नहीं मिलेगी वैज्ञानिक भी गाय के चमत्कारी फायदों से आश्चर्य चकित है जो गाय को सर्वश्रेष्ट बनाता है


गाय की उत्पत्ति :


देवता और दानव के द्वारा सुमंद्र मंथन करने से दिव्य गाय की उपत्ति हुई थी जिसे हम गौ-माता कहते है हमारे शास्त्रों में गाय को पूजनीय बताया गया है हम रोटी बनाते है तो पहली रोटी गाय की निकलते है

भगवत पुराण में कहा गया है की सागर मन्थन से पाँच दैवीय कामधेनु ( नन्दा, सुभद्रा, सुरभि, सुशीला, बहुला) उत्पन्न हुई थी। कामधेनु या सुरभि (संस्कृत: कामधुक) ब्रह्मा द्वारा ली गई।

दिव्य वैदिक गाय (गौमाता) ऋषि को दी गई जिससे उसके दिव्य अमृत पंचगव्य का उपयोग यज्ञ, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और संपूर्ण मानव के कल्याण के लिए किया जा सके।


गाय की नस्ल और रंग:


गाय अलग-अलग रंग की होती है जैसे: काली, भरी, सफेद कुछ गाय काली और सफ़ेद दोनों रंग की होती है इनकी नस्ले भी कई प्रकार की होती है जैसे:- सिंधी, काँकरेज, मालवी,  नागौरी, थारपारकर, पवाँर, भगनाड़ी, दज्जल, गावलाव, हरियाना, अंगोल या नीलोर और राठी

अलग-अलग गायो की नस्लों के दूध देने की क्षमता और गुणवत्ता में फर्क होता है कुछ गाये अधिक दूध देती है तो कुछ कम मगर इन सभी गाय का दूध फायदेमंद होता है


गाय की शारीरिक सरंचना:


सभी गायों की शाररिक संरचना तो एक जैसे होती है मगर इनकी कद, काठी, और वजन में फर्क होता है गाय के एक बड़ा जबड़ा होता है, दो बड़ी-बड़ी आँखे होती है

इनके चार पैर और एक पूछ होती है, कुछ गाय के सींग छोटे होते तो कुछ गायों के सींग काफी बड़े होते है, इनके एक बड़ा कूबड़ होता है, गाय लाल रंग को नहीं पहचान पाती है, गाय अक्सर जुगाली करती रहती है


गाय का  खान-पान:


गाय वैसे तो रोटी भी खा लेती है मगर इनको चारा बहुत ज्यादा पसंद है गाय के विशेष भोजन में खल, बंटा , मूंगफली, सरसों , तिल, बनौला, और आलसी हुई जो इनके लिए बहुत पोष्टिक होता है इनसे ये अच्छा गुणवता का गाढ़ा दूध देती है 


गाय की उपयोगिता


गाय से हमे इतने फायदे है, जिन्हें हम गिन नहीं सकते है गाय के दूध से घी, छाछ, मक्खन, दही, और तरह-तरह की स्वादिष्ट मिठाइयाँ बनती है, जिसे हम बड़े स्वाद से खाते है 

गाय के गोबर से गोबर गैस, आग जलाने के उपले, और गोबर खाद बनाई जाती है जो पेड़ पौधो और खेती के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक होती है

गाय के गोबर में गौमूत्र, नीम, धतूरा, आक और पत्तों को मिलकर कीटनाशक बनाया जाता है जो सभी प्रकार के कीड़ो से पौधों को बचाता है और इसे उनको कोई नुकसान नहीं होता है गाय का उपयोग खेती में अन्न उगाने के लिए विशेष रूप से किया जाता है गाये का दूध लोगो के लिए मुख्य आय का साधन है


रामबाण ओषधि:


गाय के मूत्र और गोबर से कई प्रकार की रामबाण ओषधियाँ बनायीं जाती है गाय एक मात्र ऐसा जानवर है जो आक्सीजन लेकर आक्सीजन छोडती है जो वातावरण के लिए फायदेमंद है

गाय के दूध में प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। जो प्रतिरक्षातंत्र को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं, जिससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। गाय के दूध में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारी हड्डियों के लिए सबसे जरुरी है

गाय का दूध आसानी से पचने वाला होता है इसलिए डॉक्टर भी नवजात बच्चे को गाय का दूध पिलाने की सलाह देते है जबकि भैस का दूध गाढ़ा होता है और गाय के दूध के मुकाबले कम पोष्टिक होता है   

देशी गाय के ग्राम गोबर में कम से कम 300 करोड़ जीवाणु मौजूद होते हैं। गाय के दूध, दही, घी, मूत्र, गोबर द्वारा पंचगव्य का निर्माण किया जाता है, जिससे कई प्रकार के रोग ठीक हो जाते है गाय के ताजा कच्चे दूध से टी.बी जैसे बीमारियाँ भी ठीक हो जाती है 


गाय का धार्मिक महत्व:


भगवान श्रीकृष्ण ने गाय के महत्व को बढ़ाने के लिए गाय पूजा और गौशालाओं के निर्माण की नींव रखी थी गुरु वशिष्ठ ने गाय के कुल का विस्तार किया जिनका नाम कामधेनु, कपिला, देवनी, नंदनी, भौमा आदि था।

प्राचीन काल से ही गाय को माता का दर्जा दिया जाता है क्योंकि वो हमे कई सारी चीजे देती है, बदले में कुछ नहीं मांगती है गाय के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का निवास है।  

भगवन कृष्ण को गाय बहुत प्रिय थी वे उन्हें चराते थे और गाये के दूध से बने माक्खन और दही को चुरा करके खाया करते थे इसलिए कृष्ण भगवन को गोपाल भी बोलते है  दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर भी गायों की विशेष पूजा की जाती है

प्राचीन भारत में गायों को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है युद्ध के दौरान सैनिक गायों को भी लूट कर ले जाते थे। जिस राज्य में जितनी गायें होती थीं, उसको उतना ही सम्पन्न माना जाता है।

एक तोला (10 ग्राम) गाय के घी से यज्ञ करने पर एक टन ऑक्सीजन बनती है प्राचीन समय में ऋषि मुनि वातावरण को शुद्ध करने के लिए यज्ञ किया करते थे, जिसमे वे गाय के घी का उपयोग करते थे


प्रस्तवना:


गाय किसी भी देश के विकास के लिए रीढ़ की तरह होती है गाय पूजनीय होती है इनका हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है मगर कुछ लोग इनकी निर्मम हत्या कर इनका मांसाहार करते है जो बहुत ही दुखदाई है

सरकार को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए आधुनिक समय में प्लास्टिक का थैलियो हो रहा है, जिन्हें काम में लेने के बाद कही भी फेंक देते है जिसे खाकर गायों की असमय मौत हो जाती है।

गाय आस्था’ और ‘अर्थव्यवस्था’ के प्रतीक गोवंश को बचाना हम सबका कर्तव्य है देश के भविष्य और अपनी आस्था की प्रतिक गाय का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है  

तो दोस्तों ये था गाय का निबंध हिंदी में उम्मीद उम्मीद करता हूँ गाय पर निबंध हिंदी में  (Essay On Cow In Hindi) जरुर पसंद आया होगा पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे

धन्यवाद

जय हिंदी जय भारत

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