रक्षाबंधन पर हिंदी में निबंध (Essay On Raksha Bandhan In Hindi)

रक्षाबंधन पर हिंदी में निबंध (Essay On Raksha Bandhan In Hindi)

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रक्षा बंधन पर निबंध  (Raksha Bandhan Essay in Hindi


प्रस्तावना

रक्षाबंधन भारत का प्रमुख त्योहार है और यह दिवाली, होली, मकर सक्रांति त्योहारों की तरह महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह भाई बहनों का सबसे पवित्र त्यौहार है जो मजबूत रक्त सबंधो को दर्शाता है।  

रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की लंबे जीवन की कामना करती है और उसकी रक्षा के लिए (राखी) रक्षा सूत्र बांधती है। इसके बदले भाई बहन को उपहार और रक्षा का वचन देता है।

रक्षाबंधन का इतिहास काफी पुराना है ये पडोसी देश नेपाल में भी मनाया जाता है। रक्षाबंधन की झलक प्रत्येक काल में देखने को मिलती है यह त्यौहार आपसी प्रेम की भावना बढ़ाने वाला त्यौहार है। 


रक्षा बंधन कब मनाया जाता है (When is Raksha Bandhan celebrated?)


रक्षाबंधन हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाए जाने के कारण इसे श्रावणी या सलूनों भी कहते हैं।


रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है (Why is Raksha Bandhan celebrated?) 


रक्षाबंधन मनाने के पीछे पौराणिक कथा


लक्ष्मी-राजा बलि की कथा


पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान् विष्णु ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी तो बलि ने इसे स्वीकार कर लिए जिसमे उन्होंने पूरी धरती नाप ली राजा बलि ये जान गया की वामन का अवतार भगवन विष्णु ही है।

भगवान विष्णु राजा बलि पर प्रसन्न हुए और उन्होंने बलि से वरदान मांगने को बोल तो राजा बलि ने विष्णु भगवान् को अपने द्वार पर रहने का वरदान माँगा तो भगवान् विष्णु इसमें फंस गये। तब माता लक्ष्मी ने नारद मुनि की सलाह पर असुर राज बलि को राखी बांधी उपहार के रूप में भगवान विष्णु को मांग लिया।


 द्रौपदी- श्रीकृष्ण की कथा


पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत में शिशुपाल के साथ युद्ध के दौरान श्री कृष्ण जी की तर्जनी उंगली कट गई थी। यह देखते ही द्रोपदी कृष्ण जी के पास दौड़कर पहुंची उन्होंने अपनी साड़ी से एक टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर पट्टी बांध दिया इस दिन श्रावण पूर्णिमा थी।


भगवान इंद्र को रक्षाबंधन से मिली थी जीत


राजा बलि और देवताओं बीच युद्ध छिड़ गया, जिसमे बलि ने भगवान इंद्र को हरा दिया और अमरावती पर अपना अधिकार जमा लिया। तब इंद्र की पत्नी सची भगवान विष्णु के पास पहुंची और उनसे इसका समाधान पूछा तब, भगवान विष्णु ने सची को सूती धागा दिया और इसे इंद्र को युद्ध करने से पूर्व कलाई पर बंधने को कहा।

तब सची ने ऐसा ही किया, उन्होंने इंद्र की कलाई में वयल बांध दिया और सुरक्षा व सफलता की कामना की। इसके बाद भगवान इंद्र ने बलि को हरा कर अमरावती पर अपना पुन: अधिकार कर लिया।


रक्षाबंधन कैसे मनाया जाता है (why is raksha bandhan celebrated)


रक्षाबंधन हिंदुओं का सबसे पवित्र त्यौहार है इसे भाई बहन के प्यार और स्नेह का त्यौहार भी बोलते हैं। यह आपसी संबंध को दर्शाता है रक्षाबंधन हर साल आता है। ये सावन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

रक्षाबंधन में राखी अर्थात रक्षा सूत्र बांधने के कारण यह रक्षाबंधन कहा जाता है। रक्षा सूत्र अलग-अलग तरीके के कच्चे सूत से लेकर रंगीन कलावे तथा रेशमी धागे सोना चांदी किसी भी प्रकार की हो सकती है।

रक्षाबंधन का मतलब होता है रक्षा या सुरक्षा देने वाला और बंधन का मतलब बांधने से जोड़ा गया है। रक्षाबंधन भाई बहनों का सबसे प्रसिद्ध त्योहार कहा जाता है।

इस दिन सभी बहनें भगवान से अपने भाइयों के लिए मंगल जीवन की शुभकामनाएं मांगती है। राखी हमेशा भाई को बहन के द्वारा ही बांधी जाती है।

रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन बाजार में मिठाइयां कपड़े खरीदे जाते हैं, इस दिन बाजार में बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है। इस दिन सगे संबंधी का घर में आना जाना होता है।

यह त्यौहार भाई बहन के रिश्ते की एकता का सूचक है। वर्तमान में प्रकृति की सुरक्षा के लिए वनों को भी रखी बांधी जाने लगी है। पहले के समय में पुरुष अपने सदस्य को भाईचारे के अनुसार भगवा रंग की राखी बांधते थे।

रक्षा बंधन के दिन सुबह-सुबह नहा धोकर बहने और महिलाएं पूजा की थाली लेकर उसमें रोली हल्दी चावल दीपक और मिठाई रखती है। इसके बाद भाई नहा धो कर तैयार होकर बहन से टीका लगवाने के लिए मंदिर या घर के आंगन में बैठते हैं।

सबसे पहले अभिस्ट देवता की पूजा-अर्चना होती है। इसके बाद बहन रोली से भाई के टीकाकरण करती है, उसके बाद चावल लगाती है और सिर पर छिडक देती है।

भाई बहन की आरती उतारती है और फिर भाई की कलाई पर बहन राखी बांधकर उसे मिठाई खिलाती है। बदले में भाई अपनी बहन को पैसे या उपहार स्वरूप कुछ भी देकर उसकी रक्षा करने का वचन देता है। इस प्रकार रक्षाबंधन का कार्यक्रम चलता है इसके बाद भोजन किया जाता है।

जैसे हर त्यौहार में कुछ ना कुछ नए पकवान बनाए जाते हैं। उसी अनुसार रक्षाबंधन के दिन भी नए नए पकवान घर पर बनायें जाते है। वैसे रक्षाबंधन पर दोपहर का भोजन करना महत्वपूर्ण माना गया है।

जिनके कोई बहन या भाई नहीं है वे लोग अपने आस पड़ोस या कोई धर्म का भाई बहन बनाकर उनके राखी बंधते है तो कुछ लोग अपने सगे सम्बन्धियों के राखी बंधकर राखी का त्यौहार मनाते है।

कई कई जगह पर इच्छा अनुसार बहनें अपने भाई के लिए व्रत भी रखती है। पुराण के अनुसार पुरोहित तथा आचार्य ने सुबह-सुबह यजमान के घर पर जाकर उन्हें राखी बांधी थी और उसके बदले दक्षिणा वस्त्र और भोजन प्राप्त दिए थे।

यह त्यौहार बहुत ज्यादा  लोक प्रिय है। ये दिन बहन के लिए सबसे बड़ा ख़ुशी का दिन होता है और इस दिन बहन सबसे ज्यादा खुश होती है। इस त्यौहार की झलक पौराणिक कथा से लेकर ऐतिहासिक काल में भी मिलती है। 

राखी का त्यौहार भाई और बहन की पवित्र रिश्ते का त्यौहार है। इसे हम सभी को प्रसन्नता के साथ मनाना चाहिए। भाइयों को भी इस त्यौहार को  जिम्मेदारी के साथ मनाना चाहिए चाहे वो अपनी बहन से दूर हो। अगर संभव हो सके तो इस त्यौहार को बहन के साथ ही मनाये।


सामाजिक प्रसंग


रक्षाबंधन के दिन भाई अपनी बहन को रक्षा करने का वचन देते है और रंग बिरंगी धागे प्यार के बंधन को मजबूत करते हैं। बहन द्वारा भाई को मिठाई खिलाई जाने का मतलब है कि वह सुख दुख में हमेशा साथ रहने का विश्वास दिलाते हैं।

यह इतना पावन पर्व माना गया है  जो भाई-बहन के रिश्ते को आदर और सम्मान देता है। रक्षाबंधन को सगे भाई बहन ही नहीं अनेक प्रकार के रिश्ते भी निभाते हैं।

ये एक देश दूसरे देश में होते हुए भी बंधे हैं। रक्षाबंधन को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निवास पर छोटे-छोटे बच्चे द्वारा बनाया जाता है रक्षाबंधन आत्मीयता और स्नेह का त्यौहार है।

विधालय में गुरु शिष्य को शिष्य गुरु को रक्षा सूत्र बांधते हैं। स्कूल में शिक्षा पूरी करने के बाद जब वह है विद्यालय छोड़ते थे तब अपने आचार्य का आशीर्वाद लेने के लिए उन्हें रक्षा सूत्र बांधते थे।

जबकि आचार्य अपने विद्यार्थी को रक्षा सूत्र इसलिए बांधते हैं ताकि उनसे प्राप्त किये हुए ज्ञान का उपयोग सही कार्य में करें और दूसरों के हित के लिए करें।


रक्षाबंधन का महत्व ऐतिहासिक प्रसंग में


पुराने इतिहास में जब भी राजपूत लड़ाई लड़ने के लिए अर्थात युद्ध के लिए जाते थे, तब उनकी पत्नियां और बहने उनके माथे पर कुमकुम का तिलक लगाकर हाथ पर एक रेशमी धागा बांध देती थी। उन्हें यह विश्वास था कि यह धागा उनको विजई बनाएगा और उनकी रक्षा करेगा।


रानी कर्मावती ने हुमायु को भेजी राखी


राखी के साथ एक और कहानी जुड़ी हुई है, जिसमें मेवाड़ की रानी कर्मावती पर बहादुर शाह द्वारा मेवाड़ पर हमला कर दिया मगर मेवाड़ की रानी कर्मावती युद्ध करने में असमर्थ थी।

तब उसने मुगल बादशाह हुमायूं की याद आई और उसने हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा करने की याचना की तब हुमायूं ने मुसलमान होते हुए भी एक सच्चे योद्धा का वचन निभाया और मेवाड़ राज्य में पहुंचकर बहादुर शाह जफर के विरुद्ध लड़ाई लड़ी और मेवाड़ और कर्मावती की रक्षा की। 


सिकंदर की पत्नी ने बंधी राखी


एक बार सिकंदर की पत्नी ने अपने पति सिकंदर के शत्रु जो कि एक हिंदू था, उसका नाम पुरूवास था उसको राखी बांधकर अपना भाई बनाया तथा युद्ध में सिकंदर को ना मारने के लिए वचन मांगा।

तब पुरूवास ने युद्ध के समय सिकंदर की पत्नी के द्वारा बांधी गई राखी की याद आई और उसने सिकंदर को नहीं मारा उसे जीवनदान दिया। 


महाभारत में रक्षाबंधन का महत्त्व


महाभारत में भी राखी का वर्णन मिलता है, महाभारत की कथा के अनुसार जेष्ठ पुत्र युधिस्टर ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि किसी भी संकट पर विजय किस प्रकार पाई जा सकती है।

तब भगवान श्रीकृष्ण ने रक्षाबंधन त्यौहार को मनाने की सलाह दी उन्होंने बताया कि राखी की रेशम के धागे में वह शक्ति है जिसके द्वारा आप हर संकट को पार कर सकते हैं।


रक्षाबंधन पर सरकारी प्रबन्ध


रक्षाबंधन पर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाली बहनों को सरकार निशुल्क यात्रा करने की सुविधा देती है। डाक तार विभाग भी इस अवसर पर अच्छी क्वालिटी वाले लिफाफे बनती है। 

रक्षाबंधन के दिन बरसाती मौसम होने पर लिफाफा खराब ना हो इसके लिए वाटरप्रूफ लिफाफे भी उपलब्ध कराए हैं। लिफाफे की क्वालिटी बहुत ही अच्छी है और यह पानी से खराब नहीं होता है।

रक्षा बंधन पर राखी की ज्यादा सुरक्षा होती है। रक्षाबंधन का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इसलिए डाक विभाग भेजी जाने वाली राखी का खासतौर पर ध्यान रखता है और इसके लिए अधिक से अधिक डाक कर्मियों की सहायता ली जाती है।

प्रस्तवना 

रक्षा बंधन भाई और बहन के प्रेम को दर्शाता है ये एक मात्र ऐसा त्यौहार है जिसकी रौनक और इसका महत्त्व आज तक कम नहीं हुआ है।  रक्षा बंधन में बंधे जाने वाला सूत्र सादाहरण नहीं होता बल्कि उसमे वो शक्ति होती है, जिससे किसी प्रकार की बाधा पर विजय पाई जा सकती है। इसका वर्णन पोराणिक कथा से लेकर ऐतिहासिक काल में भी मिलता है।

रक्षाबंधन एक मात्र ऐसा त्यौहार है जो भारत के साथ नेपाल में भी उसी खुशी और धूम धाम के साथ मनाया जाता है। आज भी भारत देश में उतनी ही लगन से बहाने भाई को राखी बंधती हैं और भाई भी उनको रक्षा करने का वचन देते है। रक्षाबंधन को सावन मास का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार भी मानते हैं। जिसकी रोनक आज भी उतनी ही जितनी पहले थी।


रक्षा बंधन पर 20 line / 20 line on Raksha Bandhan


1. रक्षाबंधन हिंदुओं का त्यौहार है।
2. रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
3. रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को कलाई पर राखी बांधती है।
4. रक्षाबंधन के दिन बाजार में मिठाई कपड़े और राखी की दुकानें सजती है।
5. राखी रक्त संबंधो का त्यौहार है।
6. राखी का त्यौहार हर साल मनाया जाता है।
7. राखी को अलग-अलग राज्य में अलग-अलग तरीके से मनाते हैं।
8. रक्षाबंधन को राखी अर्थात रक्षा सूत्र भी बोलते हैं।
9. भाई को राखी बांधकर बहन भाई की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है।
10. भाई राखी के बदले अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है।
11. रक्षाबंधन भाई-बहन का पवित्र त्योहार है।
12. रक्षाबंधन को खास सगे भाई बहन ही नहीं मुंह बोले रिश्ते भी निभाते हैं।
13. राखी भारत में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
14. रक्षाबंधन आपसी प्रेम और सद्भावना बढ़ाने वाला त्यौहार है।
15. रक्षाबंधन की झलक पुराणिक, ऐतिहासिक काल में भी  मिलती है। 
16. इतिहास काल में कर्मावती की रक्षा मुगल बादशाह हुमायूं ने राखी बंधने पर की थी।
17. पुराण में इंद्राणी द्वारा इंद्र को रक्षा सूत्र बांधने का वर्णन है।
18. रक्षाबंधन पर बहुत सारी फिल्मे भी बनाई गयी जिसमे रक्षाबंधन के महत्व को बताया गया है। 
19. सरकारी प्रणाली भी रक्षाबंधन के दिन भाई बहनों के लिए अच्छी-खास तैयारी करती है।
20. रक्षाबंधन के दिन महिलाओं का यात्रा करना बिल्कुल मुफ्त होता है।


रक्षाबंधन पर 10 line / 10 line on Raksha Bandhan


1. रक्षाबंधन हिंदुओं का त्यौहार है।
2. यह श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
3. रक्षाबंधन के दिन बहन भाई को राखी बनती है।
4. रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है।
5. रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन का पवित्र त्योहार है।
6. रक्षाबंधन का महत्व पुराण, धार्मिक, ऐतिहासिक और फिल्मों में भी देखने को मिलता है।
7. रक्षाबंधन को राखी या रक्षा सूत्र भी कहा जाता है।
8. रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है।
9. रक्षाबंधन के दिन बाजार में बहुत भीड़ रहती है।
10.रक्षाबंधन का उपयोग रविंद्र नाथ ठाकुर ने बंग-भंग के विरोध के लिए किया था।


रक्षा बंधन पर 5 line / 5 line on Raksha Bandhan


1. रक्षाबंधन भाई बहनों का पवित्र है।
2. रक्षाबंधन के दिन बहन भाई को राखी बांधती है।
3. रक्षाबंधन का वर्णन पुराण,महाभारत भारत का स्वतंत्रता संग्राम में भी मिलती है।
4. रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
5. रक्षाबंधन आपसे प्रेम रिश्तो और सदभावना का त्यौहार है।

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