मेरे विद्यालय निबंध हिंदी में (My School Essay In Hindi)

essay on my school in hindi

 

नमस्ते दोस्तों आज हम मेरे विद्यालय पर निबंध हिंदी में (My School Essay In Hindi) लिखेंगे दोस्तों यह वैश्विक तापमान पर निबंध (Kids) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12  और College के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है।

हमारी Website पर आप 10 Lines Short Essay भी पढ़ सकते है।। इस Mera Vidhyalay  par nibandh) का वीडियो जल्द ही उपलब्ध हो जायेगा । वेबसाइट के सभी लेखो के विडियो देखने के लिए हमारे YouTube Channel पर जाये। आपसे निवेदन है। की हमारे Channel को Subscribe Now करें।


मेरा विद्यालय निबंध हिंदी में (Essay My School In Hindi)


सामग्री (Content)

  1. प्रस्तावना
  2. विद्यालय स्थल
  3. विद्यालय का भवन
  4. विद्यालय परिसर
  5. विद्यालय की सुख-सुविधाएँ
  6. विद्यालय में अनुशासन
  7. विद्यालय के विविध अध्यापक-अध्यापिकाएँ व् विविध विषय
  8. विद्यालय के प्रधानाध्यापक
  9. विद्यालय में प्रतियोगिताएँ
  10. विद्यालय के समारोह
  11. विद्यालय का परीक्षा-परिणाम
  12. उपसंहार

प्रस्तावना


विद्यालय को प्राचीन काल से ही विद्या का मंदिर कहा जाता है। मनुष्य के लिए शिक्षा का होना उतना ही जरुरी है जितना की भूखे के लिए भोजन बिना शिक्षा के एक मनुष्य जानवर की तरह ही मन जाता है क्योंकि शिक्षा का उदेश्य समाज का कल्याण करना है मगर बिना शिक्षा के मनुष्य न तो खुद का भला कर सकता है ना ही समाज का भला कर सकता है

पहले की शिक्षा और आज की शिक्षा में बहुत अंतर है मगर शिक्षा का लक्ष्य अब भी वही है पहली बार विद्यालय जाना हमारे लिए एक नया अनुभव होता है मगर धीरे धीरे हम उसमे ढल जाते है

विद्यालय से शिक्षा मिलने से हमारे जीवन को एक लक्ष्य मिलता है जिसके पीछे चलते हुए हम बेहतर से बेहतर शिक्षा प्राप्त करने की कोशिश करते है जो हमे सभ्य बनाने के साथ हमारी शिक्षा के उदेश्य को पूरा करने में मदद करती है

विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करते हुए हम कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करते है जो हमे आगे आने वाली परिस्थितियों के लिए मजबूत बनाती है विद्यालय में हमे होने वाले रोजाना के क्रिया कलापों में हमारी शिक्षा पूरी होती है

हर विद्यालय की सुविधाएँ अलग अलग होती है उनमे पढ़ने का तरीका और वहा का माहौल भी भिन्न भिन्न होता है सभी बच्चे अपने विद्यालय से बहुत प्यार करते है क्योंकि उसमे उनका बचपन गुजरा हुआ होता है


विद्यालय स्थल


मुझे मेरे विद्यालय से बहुत प्यार है मेरा विद्यालय हमारे घर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है मै स्कूल बस से विद्यालय जाता हूँ इसलिए मुझे सुबह सही समय पर तैयार होना होता है 

हमारी बस निश्चित समय पर आती है इसके लिए मै अपनी मम्मी के साथ सड़क पर पहुँच जाता हूँ और बस का इंतजार करता हूँ मेरी मम्मी मुझे रोजाना तैयार करके बस में बिठा कर स्कूल भेजती है

हमारा विद्यालय कस्बे से थोडा दूर है इसलिए हमारे स्कूल में शांति का माहोल रहता है जिससे हमारी पढाई अच्छी हो पाती है मेरा विद्यालय काफी बड़ी जगह पर बना हुआ है जो इसे हमारे कस्बे का सबसे बड़ा विद्यालय बनाता है इसके चारों और बड़ी बड़ी दीवारें भी है


विद्यालय इमारत


हमारे विद्यालय दो मंजिला है ये U आकार में बना हुआ है इसमें कुल 40 कमरे है जिनमे हवादार रोशनदान है जिसमे शुद्ध हवा व सूर्य का प्रकाश आसानी से आ पता है इससे हमारे शारीर में स्फूर्ति बनी रहती है जिससे हमारा मन पढाई में लगा रहता है

हमारी कक्षा में कैमरे भी लगे है जिससे कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी की हरकतों पर निगरानी रखी जाती है सभी कमरों की सफाई के लिए एक सफाईकर्मी रखा गया है जो सभी कमरों की सफाई करता है जिससे हम स्वच्छ और साफ़ माहौल में पढ़ाई कर पाते है।


विद्यालय परिसर


मेरे विद्यालय के सामने एक बड़ा मैदान है जहा स्कूल के सभी बच्चे खेलते है छोटी कक्षा के बच्चो के खेलने की सुविधाए अलग से बनायीं हुई है जहा उनके लिए कई प्रकार के झूले लगे हुए है

इसी मैदान में हमारा प्रार्थना स्थल है जहा हम सुबह प्रार्थना करते है हमारे मैदान के चारों तरफ बड़े-बड़े पेंड़ो लगे है गर्मियों में हम  धुप से बचने के लिए इनकी छाया में बैठकर आनंद लेते है

मैदान में एक सुंदर बगीचा भी है यहाँ कई प्रकार के सुंदर-सुंदर फुल लगे हुए है, इनकी देखभाल हमारे रामू काका करते है वे रोजाना इन्हें पानी देते है और इनका पूरा ख्याल रखते है बगीचे की सुन्दरता से हमारे विद्यालय और भी खुबसूरत दिखाई देता है


विद्यालय की सुख-सुविधाएँ


  • विद्यालय के प्रागण में माँ सरस्वती का मंदिर है जहाँ हम रोज जाकर प्रार्थना करते हैं और माँ सरस्वती को नमन करके अपनी पढ़ाई की शुरूआत करते हैं
  • मेरे विद्यालय में LKG से कक्षा 12 तक के विषयों को हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों माध्यमों में पढ़ाया जाता है
  • विद्यालय में शुद्ध जल की उत्तम व्यवस्था है गर्मियों में बच्चो के लिए ठंडा पानी मिलता है और साधारण पानी की व्यवस्था अलग से है
  • मेरे विद्यालय में छात्र छात्राओं के लिए अलग-अलग 4 शौचालयों की व्यवस्था है
  • विद्यालय में एक बड़ी लाइब्रेरी है, जिसमें हम हर रोज जाकर समाचार, पत्र पत्रिकाएँ एवं कहानियों की किताबें पढ़ते हैं
  • हमारे विद्यालय में 50 कंप्यूटरों का एक बड़ा कक्ष है, यहाँ हमे कंप्यूटर चलाना सीखते है कंप्यूटर चलाना मुझे बहुत पसंद है
  • मेरे विद्यालय में शिक्षकों के बैठने के लिए एक स्टाफ रूम की व्यवस्था भी है, जिसमें सभी शिक्षक बैठकर आराम करते है
  • मेरे विद्यालय में प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों के बैठने के लिए टेबल और कुर्सी की व्यवस्था की गई है 
  • मेरे विद्यालय के प्रत्येक कक्ष में कूड़ादान की व्यवस्था है जिससे विद्यार्थी कूड़ेदान में कूड़ा डालकर अपनी कक्षा को साफ़ रखते है और इससे उनकी एक अच्छी आदत भी बनती है
  • प्रत्येक कक्षा में आधुनिक ब्लैक बोर्ड लगे है जिसमे लिखने वाली चौक की आवश्यकता नहीं होती है
  • विद्यालय में एक स्वमिंग पूल भी है, जहाँ छात्र को तैराकी करना सिखाया जाता है
  • हमारा विद्यालय में प्रतिवर्ष योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति देकर उनको प्रेरित करते है।

विद्यालय में अनुशासन


अनुशासन सफलता की पहली कुंजी है मेरे विद्यालय में सबसे पहले विद्यार्थी को अनुशासन सिखाया जाता है अनुशासन के मामले में मेरा विद्यालय कठोर और अन्य विद्यालय से सबसे आगे है

हमारे विद्यालय में हर रोज सुबह सभी विद्यार्थियों की यूनिफार्म, जूते, नाखून और दाँतों की जाँच की जाती है। प्रत्येक विद्यार्थी की स्कूल में उपस्थति व्यवहार और प्रगति की रिपोर्ट घर पर भेजी जाती है।


विद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाएँ


हमारे विद्यालय में कुल 50 अध्यापक-अध्यापिकाएँ है, जो प्रत्येक कक्षा में अलग-अलग विषय पढ़ाते हैं। वे हमे मनोरंजक तरीके से पढ़ाते है जो हमे बहुत ही आसानी से समझ आ जाता है

हमारे विद्यालय में प्रत्येक सप्ताह योगा कक्षा लगती है इसके लिए एक अलग से योगा के अध्यापक भी है जो हमे योगा सिखाते है वे हमे योग से स्वस्थ और मजबूत रखना सिखाते है जिससे हमारे शरीर में चुस्ती और स्फूर्ति बनी रहे है, इससे हमे कक्षा में नींद नहीं आती है और हमारा पूरा ध्यान पढाई लगा रहता है।


विद्यालय के प्रधानाध्यापक


हमारे विद्यालय के प्रधानाध्यापक बहुत ही सरल स्वभाव के और दयालु व्यक्ति हैं। वे नियमो के पक्के है विद्यार्थियो को अच्छी शिक्षा देने के लिए वे छुट्टी के बाद अतरिक्त कक्षाएं लगाते है

अगर कोई गरीब माता-पिता अपने बच्चे को हमारे विद्यालय में पढ़ाने आते है तो हमारे प्रधानाध्यापक उस विद्यार्थी को निशुल्क पढ़ने का प्रबंध करते है

हमारे प्रधानाध्यापक रोजाना छुट्टी होने से कुछ समय पूर्व पूरी स्कूल के विधार्थियों को एक जगह बैठकर जीवन में सफल होने के लिए अच्छी अच्छी बाते बताकर हमारा मार्ग दर्शन करते है

हमारे प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयत्न किया है जिसके कारन आज विद्यालय का परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों की शिक्षा बेहतर हुई है।


विद्यालय में प्रतियोगिताएँ


हमारे विद्यालय हर महीने किसी ना किसी प्रकार की प्रतियोगिता होती रहती है जैसे:-कब्बडी, खो-खो,  निबंध लेखन, कवितायेँ, वाद विवाद, और साप्ताहिक परीक्षा आदि

इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उदेश्य विद्यार्थी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है जिससे उनका मनोबल मजूबत होगा तो वे देश और विदेश में होने वाली बड़ी बड़ी प्रतियोगिताओं में बिना शर्म और पूरे विश्वास के साथ भाग लेकरअपने सामर्थ्य को प्रदर्शित कर पायेंगे 

हमारे विद्यालय एक बड़ी जगह पर स्थित है इसलिए मैदान भी काफी बड़ा है इसी वजह से खेलकूद के लिए आयोजित की जाने वाली जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ के लिए विशेष रूप से हमारे विद्यालय को चुना जाता है

इन प्रतियोगिताओ में हमारे विद्यालय के विद्यार्थी भी पूरे जोर शोर के साथ भाग लेते है इन प्रतियोगिताओ में हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, क्रिकेट, कबड्डी आदि की प्रतियोगिताएँ होती है।


विद्यालय के समारोह


जिसे प्रकार विद्यार्थियों के लिए सर्वांगीण विकास,  शारीरिक, मानसिक विकास जरुरी होता है उसी प्रकार विद्यार्थियों के लिए मन में अपने देश और उसकी संस्कृति प्रति विकास जागरूक करना जरुरी है ताकि वे अपनी देश की संस्कृति को नहीं भूले

इसके लिए हमारे विद्यालय में हर साल 15 अगस्त, 26 जनवरी और वार्षिक उत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है। जिनमें सभी विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।

15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन हमारे विद्यालय में एन.सी.सी. के परेड करायी जाती है। जिससे बच्चो में अपने देश के प्रति एक उत्साह देखने को मिलता है। इसके अलाव हमारे अन्य कई प्रकार के पर्व भी यहाँ मनाये जाते है।

हमारे विद्यालय के प्रधानाचार्य हमारे देश का तिरंगा झंडा फहराते हैं, फिर हमारे देश का राष्ट्रगान गाया जाता है और इसके पश्चात देशभक्ति गीतों  पर तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है।

हमारे स्कूल में विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं होते है। जिसमे मेघावी छात्रों को पुरस्कार देकर उनको प्रेरित किया जाता है। जिससे वे अपने इस उत्साह और मेहनत को आगे भी बनाये रखें।


विद्यालय का परीक्षा-परिणाम


विद्यालय के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए हर सप्ताह और महीने में मोखिक और लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है अतरिक्त कक्षाए लगती है हमारे विद्यालय में पढाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

इसलिए सभी विद्यार्थियों अच्छे अंको से पास होते है। और इसी वजह से हमारा विद्यालय परीक्षा परिणाम के मामले में अन्य विद्यालयों से आगे रहता है जो हमारे विद्यालय को श्रेष्ट बनाता है।

इसका श्रेय उन अध्यापक और अध्यापिका को जाता है जो विद्यार्थियों को अतरिक्त समय देते है, कड़ी मेहनत करते और उन्हें अच्छे से समझाते है। 


उपसंहार


किसी भी राष्ट्र का विकास और अच्छा भविष्य वहा की शिक्षा पर निर्भर करता है बच्चों के सर्वांगीण और मानसिक विकास के लिए एक मात्र विद्यालय ही एक उपयुक्त जगह है। जहाँ पर बच्चे  पढ़-लिख कर सभ्य नागरिक बनते है और देश की प्रगति में अपना सहयोग देते है।

बिना शिक्षा के व्यक्ति का जीवन व्यर्थ है मगर इस शिक्षा रूपी धन को हम बड़ी आसानी से विद्या के मंदिर विद्यालय में प्राप्त कर सकते है अतः हम सभी को अपने बच्चे को शिक्षा के प्रति जागृत करना चाहिए और उन्हें अच्छी शिक्षा देनी चाहिए ताकि देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सके

तो दोस्तों ये ही मेरे स्कूल पर निबंध उमीद करता हूँ आपको जरुर पसंद आया होगा अगर पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें तो मिलते है आगे निबंध में । जय हिन्द जय भारत 

धन्यवाद 

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