पानी बचाओ पर हिंदी में निबंध (Save Water Essay In Hindi)

पानी बचाओ पर निबंध (essay on save water in hindi)

नमस्ते दोस्तों आज हम पानी बचाओ पर हिंदी में निबंध (Nibandh) (Save Water Essay In Hindi) लिखेंगे दोस्तों यह जल संरक्षण पर निबंध (Kids) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12  और College के विद्यार्थियों के लिए लिखे गए है।

हमारी Website पर आप बड़े 10 Lines Short Essay भी पढ़ सकते है।। इस पानी बचाओ पर लेख का वीडियो नीचे दिया गया है।। वेबसाइट के सभी लेखो के विडियो देखने के लिए हमारे YouTube Channel पर जाये। आपसे निवेदन है। की हमारे Channel को Subscribe Now करें।

 


पानी बचाओ पर हिंदी में निबंध (Save Water Essay In Hindi)


प्रस्तावना 

जल ही जीवन है। ये सब जानते है। प्रकृति ने सबसे अनमोल जो उपहार दिया है वो है अमृत यानि पानी, जो मनुष्य को जीने के लिए महत्वपूर्ण है। पानी कई रूपों में पाया जाता है। जैसे नदी, नहरों, कुओ, बावड़ी, तालाबो, और भूगर्भ से प्राप्त होता है।   

अगर हम बाकि चीजे छोड़ दे तो मनुष्य के जीवित रहने के लिए दो चीजो की आवश्यकता है। पानी और अन्न इन दोनों से ही हमारा जीवन चलता है। मगर पानी के बिना तो अन्न भी नहीं है।

प्रकृति ने पानी हमारी सभी आवश्यकताओ को पूरा करने के लिए दिया है, जो हमे आसानी से प्राप्त हो जाता है। जिसका उपयोग हम दैनिक कार्यो में करते है।  

अगर पानी नहीं होता तो कार्य करना तो दूर हम ये सोच भी नहीं सकते की शुरुआत किससे करे, क्योकि सभी में पानी की ही आवश्यकता पड़ती है। हमारे दिनचर्या की शुरुआत पानी से होती है। इसके बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है।

जल संरक्षण क्यों जरुरी :-

जल की मात्रा बहुत कम है। जल का निर्माण नहीं किया जा सकता है। हमारी पृथ्वी पर 70 प्रतिशत भाग पर समुन्द्र का जल है, जो खारा है। जिसका उपयोग हम सीधे नहीं करते है। पीने लायक जल मात्र 3 प्रतिशत मौजूद है। जो बर्फ, नदियो, तालाबो, नहरों, कुआ, और बावडियो के रूप में मौजूद है।

जिनका उपयोग हम पीने और आवश्यकताओ को पूरा करने में करते है। मगर अब धरातल और भूमिगत जल भी कम हो गया है। हमारे घर में आने वाला पानी बांधो और का भूमि होता है।

जिसमे अधिकतर जल बरसात का होता है। मगर अब बरसात में भी असंतुलन हो गया कही ज्यादा होती है। तो कही सुखा जिस वजह से बांधो का पानी कम हो गया है।

जैसे जैसे जनसँख्या बढ़ रही है। उसके साथ उसकी खपत और फिजूल में बर्बादी भी बढती रही है। जिससे पानी कम हो रहा है। इसलिए पानी की  उपलब्धता कम होने से पानी सामान रूप से सभी तक नहीं पहुच पा रहा है।

देश में लाखो की संख्या में रोजाना किसी न किसी सुविधाओ का निर्माण होता है। चाहे वो सरकार द्वारा पुल निर्माण हो या भावन निर्माण। इसके अलावा निजी कंपनिया लाखो एकड़ में कारखाने खोल रही है। जिसमे करोडो लीटर पानी का उपयोग होता है। इस हिसाब से जल बहुत ही जल्दी समाप्त हो जायेगा।

आज जो जल मौजद है। वो भी मनुष्य के स्वार्थ पूर्ण दोहन और अविष्कार के कारण प्रदूषित हो रहा है। सरकार लोगो के घरो में पानी एक दो दिन छोड़-छोड़ के देने को मजबूर है। जो इसकी गंभीरता को बताता है। और ये मुद्दा अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर हो चूका है। इसलिए जल संरक्षण जरुरी है।     

जल की बर्बादी रोके 

पानी की बर्बादी आसानी से देखने को मिल जाती है। कई जगह पाइप के लीकेज होते है। जिससे रोजाना पानी बहता है। उसके प्रति गंभीर नहीं होते क्युकी वो कम मात्रा में बहता है। जबकि पानी की कमी का सबसे बड़ा कारण ही यही है।

कुछ लोग घर में दो नल लगवा लेते है और पानी भरने के बाद उसे अपने घर का फर्श  और गाड़ियां धोने में करते है। नल पर ढक्कन नहीं रहने से पानी भरने के बाद पानी व्यर्थ बहता रहता है।

कही बिना कारण ही पानी का इस्तेमाल होता रहता है। अगर पब्लिक पैलेस में कही नल खुला है तो वह खुला ही रहेगा उसे बंद करने की कोई जहमत नहीं उठाएगा जो पानी पीने आएगा केवल वही बंद करेगा।

छत पर पानी की टंकी भरने के लिए मोटर चला दी तो पानी भरने का ध्यान नहीं रखेंगे आसपास के लोग ही बताएंगे कि पानी भर गया है। तब तक कई लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है।

नहाते समय बाल्टी में नल को खुला छोड़ देता है। जिससे काफी पानी व्यर्थ बह जाता है। जबकि उतना पानी सैकड़ों पक्षियों की प्यास बुझा सकता है।  पानी की आसानी से उपलब्धता ही पानी के प्रति लापरवाही को प्रदर्शित करता है। जिसके परिणाम बहुत बुरे होते है।

जो चीज हमें आसानी से और अधिक मात्रा में उपलब्ध होती है। हम लोग उसकी कदर नहीं करते है। जबकि जो चीजों में बड़ी मुश्किल से मिलती है। उसे बचा कर रखते है। और यही सब जल के मामले में हो रहा है। हर व्यक्ति को पानी के महत्व को समझना। होगा इसे हम जितनी जल्दी समझ जाए उतना ही भविष्य के लिए बेहतर होगा।


जल की कमी के प्रभाव


कृषि में जल का प्रभाव 

जल की कमी होने से सबसे पहला प्रभाव कृषि पर पड़ेगा। क्योकि हमारे देश में आज भी कई जगह कृषि जल की समस्या से झूझ रही है। यदि जल नहीं हुआ तो बची हुई कृषि भी समाप्त होने की कगार पर आ जाएगी।

भारत देश कृषि प्रधान देश है। हमारे देश की ताकत भी कृषि है, अगर पानी नहीं होगा तो अन्न कहा से आएगा और अन्न नहीं आएगा तो हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है क्योकि अन्न जल पर आश्रित है

निजी जीवन में जल का प्रभाव 

ये बाद शायद बताने की जरूरत नहीं है। अगर हमारे निजी जीवन में किसी एक कार्य में पानी को उपयोग नहीं लिया जाए तो उसका कितना प्रभाव हमारी दिनचर्या पर पड़ता है।

हम रोजाना पानी का उपयोग खाने में, पीने में, कपडे धोने मे, नहाने में, शौचालय में, घर की साफ़ सफाई में आदि में करते है। अगर इसमें से आप किसी एक को आप बंद कर दीजिये तो पानी का प्रभाव साफ़ देखने को मिलता है।

अभी जल है। इसलिए हमे पानी की व्यवस्था घर और बहार कही न कही मिल जाती है। जिससे हम प्यास बुझा सकते है। हमे कम से कम निजी जीवन में जल के उपयोग के महत्व को समझ कर पानी बचाने के प्रति तो गंभीर होना ही होगा।

देश की प्रगति पर पानी की कमी का प्रभाव   

देश की प्रगति में होने वाले लगभग सभी कार्यो में पानी का उपयोग किया जाता है। अगर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा तो देश के विकास का तो दूर की बात है। हमे एक दिन के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा

क्योकि हमारे घर में जितने भी संसाधन है। चाहे वो लोहे की वस्तुएं हो, लकड़ी का सामान या फिर अन्य जो भी वस्तुएं है। उनका निर्माण पानी की सहयता से ही हुआ है।

बिना सुविधा के तो सब कुछ चला लेंगे मगर जल के बिना जीवन संभव नहीं है। क्यों की पानी से हम जीवित रहते है और अपने सभी काम पानी से मिली उर्जा से ही करते है।

इसलिए पानी आज के लिए नहीं भविष्य के लिए बचाना होगा वर्ना आने वाली पीढियो को अपने भविष्य में कुछ करने को छोड़कर पानी बचाने के लिए संघर्बष करना पड़ेगा।

 संरक्षण के फायदे

जल संरक्षण के फायद तो आप जानते ही है। अगर हम जल की बचत करेगे तो हमे भविष्य में होने वाले जल संकट से संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। हमारे साथ साथ पानी पर जलीय जीव, पेड़ पौधे और पशु-पक्षी भी आश्रति है। उनको पानी मिलने से प्रकृति का संतुलन बना रहेगा।

पानी बचाने से कृषि की उत्पादकता बढ़ेगी और विकास भी बढेगा। जहा पानी की कमी है। वहा बचाए हुए पानी की पूर्ति होने से कोई प्यासा नहीं रहेगा। जिसका आने वाले समय में हमे लाभ मिलेगा

जल संरक्षण के उपाय 

  1. नल और पाइप के छोटे बड़े-लीकेज ठीक करवाना चाहिए।
  2. सब्जी को नल के नीचे धोने के बजाय किसी बर्तन में धोना चाहिए। जिससे उसका पानी पौधों के काम आ सके।
  3. कम पानी खर्च करने वाले शौचालय का निर्माण करवाएं।
  4. नहाते समय बड़े जग की जगह छोटी जग का इस्तेमाल करें। अगर शावर से नहाते है तो कम पानी खर्च करने वाले शावर लगवाये।
  5. अगर वॉशिंग मशीन नहीं है। अलग-अलग कपड़ों पर पानी डालने के बजाय किसी बड़े बर्तन में एक साथ कपड़े डालकर भिगोले।
  6. घर की साफ सफाई और गाड़ी धोने के लिए बाल्टी की जगह कपड़े का इस्तेमाल करें।
  7. नहाते समय जितने पानी से आप नहा सकते है, उतना ही उपयोग में ले।
  8. हाथ धोते समय और शेविंग करते समय नल को आवश्यकता अनुसार ही चलाएं।
  9. पानी भरने के बाद नल को अच्छे से बंद करें क्योंकि बूंद-बूंद से काफी पानी व्यर्थ बह जाता है।
  10. कृषि में बूंद बूंद सिंचाई, डीपी, यंत्र और फंवारो का उपयोग करें। जिससे पौधों को आवश्यकता अनुसार पानी मिले।
  11. पानी की टंकी भरते समय उसका ध्यान रखे इधर-उधर जाकर लापरवाही ना बरते
  12. एक दिन का पुराना पानी उतना ही स्वच्छ होता है इस फेकने के बजाये उपयोग में ले
  13. पानी को उपचारित करके दूबारा उपयोग में लेने के तरीकों को अपनाएं। जिससे पानी की काफी बचत होगी।

उपसंहार 

जिस प्रकार हम महँगी वस्तुओं की कदर करते है उसी प्रकार हमे पानी की कदर करनी चाहिए क्योकि वस्तुओ को दुबारा बनाया और प्राप्त किया जा सकता है मगर पानी को दोबारा नहीं पाया जा सकता है

हमे अपने साथ साथ पेड़ पौधो, पशु पक्षी और जीव जन्तुओ के बारे में भी सोचना है, इन सभी का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है क्योकि जल बिना हम क्षणमात्र  की कल्पना भी नहीं कर सकते है तो आज से ही पानी बचाना शुरू करें

दोस्तों तो था पानी बचाओ पर निबंध उम्मीद करता हूँ  पानी बचाओ पर हिंदी में निबंध (Essay On Save Drinking Water In Hindi) आपको जरुर पसंद आया होगा पसंद आये तो इस अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे। धन्यवाद